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गीत 154

प्यार है अटल

प्यार है अटल

(1 कुरिंथियों 13:8)

  1. 1. देखो अब यहाँ,

    सब के चेहरे पे प्यार—

    पाना जो मुश्‍किल दुन्‌-या में।

    सच्चे दोस्तों ने

    किया हमसे यूँ प्यार,

    जग से नाता तोड़ा हमने।

    (प्री-कोरस)

    प्यार जीतेगा, है वादा।

    रहेगा ये सदा।

    (कोरस)

    प्यार—प्यार है अटल—

    ऐसा प्यार याह करे।

    वो ही है प्यार।

    प्यार—याह का अटल—

    ऐसा प्यार हम करें।

    यहाँ प्यार जो देखें,

    ये बसा लें दिल में—

    प्यार है अटल।

  2. 2. दुखों से दबके

    जब हम होते उदास,

    यूँ लगे बोझ ना सह पाएँ।

    पर खुशी मिलती

    जब हम देते आशा,

    याह का प्यार सुकूँ दे हमें।

    (प्री-कोरस)

    प्यार ना मिटे, है वादा।

    रहेगा ये सदा।

    (कोरस)

    प्यार—प्यार है अटल—

    ऐसा प्यार याह करे।

    वो ही है प्यार।

    प्यार—याह का अटल—

    ऐसा प्यार हम करें।

    यहाँ प्यार जो देखें,

    ये बसा लें दिल में।

    (कोरस)

    प्यार—प्यार है अटल—

    ऐसा प्यार याह करे।

    वो ही है प्यार।

    प्यार—याह का अटल—

    ऐसा प्यार हम करें।

    यहाँ प्यार जो देखें,

    ये बसा लें दिल में—

    प्यार है अटल,

    प्यार है अटल,

    प्यार है अटल।